भोर मेरी ( मैथिली गीत)
भोर भेलइ
स्निग्ध उषा उज्जवल प्रभा
प्रकृतिक प्रशस्त भाल पर
पातर पातर लालिक रेखा
तिमिर घनघोर बीति गेलइ
आव भोर भेलइ,आव भोर भेलइ।
स्वच्छ अछि शीतल पवन
टटका टटका उर्जा अनन्त
द्वार द्वार सब फूजि गेलइ
स्वागत मे सब ठाढ़ भेलइ
आव भोर भेलइ, आव भोर भेलइ।
कोटर मे आतुल चुनमुन छै
फरफरवै ले पांखि, आकुल छै
बाबू धैर्य धरू कनि और पढ़ू
दाना लावय लेल माय गेलै
आव भोर भेलइ, आव भोर भेलइ ।
गाय’ रम्हेलै बाछा औनाइ छै
ग्वाल डाबा खंघारि रहल छै
दादा दलान पर पराती गाबथि
दादिक फुलडाली भैर गेलइ
आव भोर भेलइ, आव भोर भेलइ।
मंदिर मे आरतीक घंटी बाजै
किसान हर लय खेत गेलै
गृहणिक केटली चुल्हा पर
चाह पिवै के समय एलै
आव भोर भेलइ आव भोर भेलइ।
प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास
पांडिचेरी 11-09-2019
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