हमर भाषा बड़ पैघ आशा (मैथिली कविता)
हमर भाषा बड़ पैघ आशा
आई(21-02-19) मतृभाषा दिवशक अवशर पर मां मैथिली के समर्पित हमर ई रचना
मिश्री सन अछि भाषा हमर
रसगुल्ला पेनतोवा बोली
जीवन पथ पर आगू बढ़ब
जं शिक्षा माध्यम हो मैथिली
मायक भाषा, बिनु प्रयत्ने
सिखलहुं जिवनक आचार
बिनु अक्षर के ज्ञाने हमत'
भ’ गेलहुं, ज्ञानी, आचार्य
ममता मयी माय हमर छथि
स्नेहमयी छथि हमर भाषा
लोक सभक त’बाते नहिं पुछु
क्यो भेटता नहिं दुर्वाशा
आऊ, चलू आगू बढ़ू
मैथिलिक करी नित सेवा
करैत रहव, करिते रहव
चलै पतवार, विनु खेवा
प्रमोद कुमार उर्फ “नेहरू लाल दास “
पांडिचेरी, 21-02-2019
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