नयनक वाण (मैथिली कविता)
नयनक वाण
नयन वाण स मारलथि हमरा
आईयो धरि हम घायल छी
ओ त' फलि फूलि रहल छथि कत्तहु
हम रणे वणे वौवाइत छी।
की कोनों आन अस्त्र एहन छै
सोझे हृदय के बेध दियै
छट पट छट पट घायल व्याकुल
शोणित नहिं एको बूंद गिरै।
नित घाव पर जे मरहम हमरा
लगैत रहैया दिव निशि प्रिये
अहिंक मुस्कान देख निहारि क’
घाव हमर सुखाइत रहैया।
बयस बीतल आस ने टूटल
बाट अखनों हम देखैत छी
जँ जनम लेल फेरो हम सब
आस मिलन केर जोगवै छी।
प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास
पांडिचेरी 24-08-2019
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