हम की छी (मैथिली कविता)
हम की छी
हम की छी
मंत्र छी कि तंत्र छी
वा केकरो साधनाक
यंत्र छी!
हम
प्रश्न छी कि उत्तर छी
आ कि ओहिना किछु
व्यर्थ छी
जल छी त’ प्रवाह नहिं
हवा छी त’ गति नहिं
धरा छी त’ धैर्य नहिं
सूर्य छी त’ ताप नहिं
चान छी त’ शीतलता नहिं
पता नहिं ,अहांक
संदेश छी कि ओकर वाहक छी
अवै छी, जाइ छी
हे विधाता आव बहुत भेल
बस करू
थाकल सन लागि रहल छी।
प्रमोद कुमार पांडिचेरी
4-9-19
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