रे मन पाछू मुड़ि क' देख (मैथिली गीत)
रे मन पाछू मुरि क’ देख
(गीत)
रे मन पाछू मुरि क’ देख
बहुत दूर तू चलि चुकल छैं
दुनु द्वार खूजल पड़ल छौ
कोन मे हेतौ प्रवेश
रे मन पाछू मुरि क’ देख।
खोल अपन खाता के अपनहिं
पढ़ि ले एक एक पन्ना के तू
कोन तन सं मानव तन मे
पाओल तुअ प्रवेश
रे मन पाछू मुरि क’ देख।
दया धर्म के बीहनि रोपलैं
सत्य निष्ठाक पाइन पटौलैं
वचनक मिठता घोरि पियौलें
बंटलैं निक संदेश
रे मन पाछू मुरि क’ देख।
पथिक के बाटक कांट तों बिछलैं
आकि ओहि पर रोड़ा रखलैं
मानवता के मान बढ़ौलैं
आकि देलैं उठा क' फेक
रे मन पाछू मुरि क’ देख।
प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास
पांडिचेरी 10-10-2019
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