सखी रे हमर पिया कठोर (मैथिली गीत)
सखी रे हमर पिया कठोर
जखन चिड़ा -चिडि चोंच लड़ावै डाइढ़ कें डाइढ़ गला लगावै
वैरी बदरिया फुहार उड़ा क’ हिलरावै मोर मधुखान रे
सखी रे मोर पिया कठोर ।
चमकै चान व्योमबिच जखने, उठै हिलोर हिया मे हमरा
अधर मधु टपकावै रहि रहि, बैरी पिया बसथि बर दूर रे
सखी रे मोर पिया कठोर ।
मंद समीर मधुर धुन गावै ,भंवरा भन भन राग सुनावै
पुष्प पुष्प सं पान मधु करि ,उरि जाय दोसर गाम रे
सखी रे मोर पिया कठोर ।
जा सखी मोर पिया नगरिया, नहिं सोहै मोर आव अन्हरिया
मधु मातल उन्मत्त प्रिया अछि, लबिह' पिया मोर धाम हे
सखी हे मोर पिया कठोर ।
प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास
पांडिचेरी 29-04-2019
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