उजड़ल अंगना (मैथिली गीत)

उजड़ल अंगना 
                    (गीत) 

हम फेर आइ उजड़ल अंगना यौ
                                      भोरे सं कनै छी ।

पहिने  गेलखिन  बड़का  बौवा 
पाछूए   लगला  छोटका  भैया 
मोन   हमर  आव   हहरल  यौ,
हम त सुन्न बैसल छी 

         हम छी उजड़ल अंगना यौ भोरे सं कनैछी ।

जहिना  जुटलै   तहिना   लौटलै 
भोरे  सं  जाइ  के होर  मचल छै
सीवल  छाती फेर  सं  फटलै यौ
ओहि सं खून चुबै छै 

     हम फेर घायल ओहिना यौ, भोरे सं कनै छी। 

आंखि भेल पाथर देह अछि जर्जर 
हाथ  पैर  टुटल  घास फुस   उगतै 
चारि  दिन  लै  चान  छिटकलै  यौ
फेर सं ओहिना कारी 

      बैसबै सुन्न भेल ओहिना यौ भोरे सं कनै छी ।

कुकुर बिलाड़ि आव दोस फेर बनतै 
सांझ  भोर   नढ़िया   गीत    गओतै
ओकरे    संग   हमहूं  फोकरबै   यौ
आब देलहुं हिया हारि 

  कौआ के  बाट नहिं  तकबै यौ, भोरे  सं  कनै छी। 

प्रमोद कुमार पांडिचेरी 
05-11-2019

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