बोया पेड़ आम का बबूल क्यों उग आया (हिन्दी कविता)
बोया पेड़ आम का बबूल क्यों उग आया
पंच तत्व के सार तत्व को
बोया सिक्त ,पवित्र भूमि में
सत्य धर्म अहिंसा की मूर्ति
सार तत्व का स्वामी था
जग में उनका आदर इतना
स्वयं ही सच्चिदानंद हों जैसे
सार तत्व की धारक पृथ्वी
शुद्ध, सौम्य शुचिता की देवी
कई मधुर फल वृक्षों की जननी
आनंद बयार बहता था हर क्षण
सुरभि ही फैलाता था
ईश वंदना, दीनों की सेवा
नित उनकी चर्या थी
करुणा के सागर
सब गुण आगर
दोनों ही कहलाते थे
सार तत्व ने अंकुर बनकर
आंखें अपनी खोली थी
धन्य हुए जनक -जननी
रोज ही सींचा करते थे
धीरे धीरे कांटे उग गये
पत्ते हुए विषैले
धराशायी हो गयी आशा
बोया गया पेड़ आम का
बबूल क्यों उग आया!
डॉ. प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास
पांडिचेरी ,26-06-2019
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