अव कोई क्या करे (हिन्दी कविता)
अव कोई क्या करे
चावल नकली है
नहीं खाना
शब्जी खाद वाली है
नहीं खाना
लोग बेइमान हैं
बच के रहना
करोना फैल रहा है
हाथ मत मिलाना
घर में बंद रहना
पानी गंदा है
नहीं पीना
क्या करे मानव
अव कहेंगे
सांस मत लेना
हवा जहरीली है
जिंदा ही
मर गया मानव!
डॉ प्रमोद कुमार
पांडिचेरी,04-03-2020
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