झूठ सपनाक सच (अष्टा वक्र)
झूठ सपनाक सच (अष्टा वक्र)
1.अहा की मनोरम दृष्य!
उजरा घरक मालिक
हजारो नोकर चाकर
सर्व शक्तिमान
रोजहि प्रेस वार्ता
आ सबटा सच बजै छी!
2. लॉगडाउन हंटि गेलै
हुनकर हाथ मे हाथ देने
सी बिच मे उमकै छी
रंग विरंगक बिजलीक चमक छै
आइक्रीम खाइ छी
नीन टुटल त'
पलंगक निचा खसि चिचियैत छी!
3. नब्बे पार छी
मौनक सिद्धि प्राप्त अछि
बड़का सिंहासन पर खूब बैसलहुं
बहुत तड़वा चटलहुं
मुदा आव नहिं
भोरे टीवी देखौलक
एकटक हुनके तड़वा पर ध्यान छनि!
4. ऊ टोपी बला सब के
उपर बला किछु कहलकै
आव गलती मंगै छै, से सुनलियै
भोरे टीवी खोललहुं
आव त जनी जाइतो थूक फेकै छै
मोन भिनभिनैल अछि!
5. आलपिन नाम अछि
चिन्नी बला गाम अछि
मंशा जगत कल्याण अछि
देखा सुना क' काज करी
असली समान बना क'
सबहक मदद करी !
6. फेर स जवान भ' गेलहुं
घटक सबहक देलहा फोटो छंटै छी
अहा ई बड़ दीव
चहा उठलहुं
पत्नी हाथ मे ठेंगा थमा कहली
जाउ बाथरूम सं भ' आउ !
7. कटोरी लेने घुमै छी
भीख मांगि खाइ छी
कश्मिरक सेब तोड़ै लै
निशाना बंदूकक लगबै छी!
पापिस्तान मे रहै छी
पाप ने एक्कोटा करै छी!
8. गाम जैबाक प्रोग्राम बनल
हम सपना मे मग्न
पत्नी बटखर्चा लै पुरी भुजिया…
अहा केहेन सुन्नरि!
अखनों खोडषिये!
नीन टुटल
आंखि मिड़ैत कहलियैन्ह
कनि केशो रंगि लितहुं से नहिं !
डॉ.प्रमोद कुमार पांडिचेरी,28-04-2020
लोक कहै छै जे सपना सचो होइ छै ! आव अहीं कहू की होइ छै !
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