सुषमा :भारत की गरिमा (हिन्दी कविता)

सुषमा : भारत की गरिमा 

( परम आदरणीय सुषमा जी को मेरी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि) 

उन्नत कपाल विन्दी की लाली 
आभा अपूर्व भारत की नारी
जब भी भारतीय नारी का कोइ नाम लेगा 
तेरी ही प्रतिमा टांग देगा 
करुणा की देवी 
वात्सल्य भरा दिल 
मधुर महिला, मृदुल दीदी
जिह्वा पर बसती सरस्वती 
एन सी सी हो या दिल्ली की गद्दी 
या फिर महिला विदेश मंत्री
प्रथम रही सदा ही दीदी 
यू एन में सिंह वाहिनी बन 
जब गरजी अपनी सुषमा दीदी
दुश्मन थर थर कांप रहा था 
विश्व ताली पीट रहा था 
तीन सौ सत्तर को जाते देखा 
मुस्काते प्रस्थान था उनका 
हर भारतीय के दिल में 
बसने वाली दीदी
तुझे प्रणाम, तुझे प्रणाम! 

प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास 
पांडिचेरी 07-07-2019

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