आरे बदरा कारे बदरा (मैथिली गीत)
आरे बदरा कारे बदरा
आवि जो बदरा करिया बदरा चढ़ि पवन के रथ पर तूँ
ईन्द्रक आशिष लेने अबिहें उमरि घुमरि खुब बरसैं तूँ
आरे बदरा करिया बदरा खूब क धूम मचा दे तूं ।
नभचर प्यासल थलचर प्यासल फाटल धरतिक छाती रे
घास पात सभ भुस्सा भेल छै पछवा तन झड़कावै रे
आरे बदरा करिया बदरा...... ।
पीट नगारा अबिहैं बदरा चमका तड़तड बिजली तूं
पेट मे पानि भरि क’ अनिहैं धराक छाती जुड़ा दे तूं
आरे बदरा करिया बदरा........... ।
सोन्हगर माटिक गन्ध पसरतै वन बिच मोर त नचतै रे
झूला झुलि झुलि सखि सभ रसभरि बरमासा जे गौथिन रे
आरे बदरा करिया बदरा........ ।
हरित हृदय, हरियर हैत धरती सगरो मधु रस बरसे रे
कोइली झोंझ बिच गावि गावि क मिलनक आश जगौतै रे
आरे बदरा करिया बदरा......।
प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास
पांडिचेरी 07-05-2019
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