सखी हे आइ बेकल हम नारी (मैथिली गीत)

सखि हे आई बेकल हम नारी 

जेना  जेना  बुनैत छैक  बादल  घनघोर  घटा  गगन  मे
ओहिना  ओहिना  हमरो  मोन मे  सपना क्यो  बुनै छै  रे
आई बरसतै बादल जा कय अपन प्रिया के  मुख  भिजेतै 
मोन मे हमरा हुक उठल अछि  हमरो  केओ  भिजबितै रे

                     सखि हे आई बेकल हम नारी............ ।

बूंदक  संग  संग पवन केर झोंका हमरो लट  उलझबितहि 
पिया हमर लट उलटा सुलझा कय उर बीणा बजबितथि हे
भालपर देखिकय चमचम मोती मधुर मुस्कान बिखेरितथि 
मोनक  तार हृदय  सं जुड़ितइ   संगीत   अनुप  पसारितै रे

                      सखि हे आई बेकल हम नारी........... ।

तनमन भिजिभिजि आईसखि हे भिजितै कोरहृदय के हमरा 
प्रेम  सिक्त  होइतथि पिया मोर उर धरा गगन मिलि  जैतै  हे
जखन जखन बदरा बिच कुढ़नी दामिनि तड़क फड़क  दमकवितै 
पाश मे बान्हि पिया अपन के तृप्त नारि भय जइतहुं   आई

                  सखि हे आई बेकल हम नारी ……………. 

प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास
 पांडिचेरी 24-06-2019

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