गे बहिना अत्यंत गेलै ओ दिन (मैथिली गीत)

गे  बहिना कत’ गेलै ओ दिन 

गे बहिना कत’ गेलै ओ दिन 
गरबहिंया द’ घुमै छलहुं हम 
बान्हल हो झोंटा मे झोंटा
रही संगें भरि दिन। 

         गे बहिना.......। 

अरनेवा के  झक्का बनावी 
पखुआ के बुकनी पीसी हम
तखनहिं गीतक तान उठावी 
उमकी हम भरि दिन 

       गे बहिना........। 

कृष्ण जनम के ब्रत करी हम 
अन्न पानि के छूबी नहिं हम 
भरि राइत जगरना करि सखी 
सूती हम भरि दिन 

 गे बहिना......। 

कखनों बक बक कखनो झगड़ा 
बिन बाते के रगरम रगड़ा 
क्षण मे माशा क्षण मे तोला 
तुरतहि खाइ एक संग 

गे बहिना.....।

प्रमोद कुमार 
पांडिचेरी, 12-10-2019

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