मेरे बुल्लू बाबू (अपने छोटे प्यारे नाती “ बुल्लू बाबू “को भेंट)

         मेरे बुल्लू बाबू
(अपने छोटे प्यारे नाती “ बुल्लू बाबू “को भेंट)

छोटी चिड़िया छोटी चिड़िया
क्या है तेरा नाम
दिन भर चीं चीं करती रहती
करती नहीं आराम।

आजा मेरे घर में आजा
हम दोनों खेलेंगे
मैं पीता हूं दूध आजकल
तुझे मिठाई देंगे।

कभी खिलाती मम्मी हलुआ
नानी खिलाती केला
पापा को चाकलेट पसंद है
कहते बड़ा तूं होजा।

नानाजी नित गीत सुनाते
कहानी कविता कहते
दिनभर बुल्लू बाबू कहकर
हमें बुलाते रहते।

नाना चंदा का गीत लिखे हैं
नानी मुझे सुनाती
मुझको इतना अच्छा लगता
नींद ही आने लगती।

मौसा मौसी दूर में रहते
फोटो देख इठलाते
टुटु आती हमें घुमाती
लाड़ प्यार खूब करती।

डॉ प्रमोद कुमार
पांडिचेरी,18-06-2020

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