नमन् हे वीरों (पुलवामा दिवश पर देश के वीर जवानों को समर्पित)(हिन्दी कविता)



देश पर जान लुटाने वाले
अपने वीर जवानों
मन मंदिर मे तेरी मूरत
उसपर फूल चढ़ाऊं!
निस दिन तेरी पूजा करता
तेरा ही गीत गाता हूं
देह मेरा जहां भी रहता
जान शरहद पे रखता हूं!
नमन् करूं मैं उस माता को
जिसने तुझको जनम दिया
नमन् उस पिता को करता
जिसने तुझे शरहद पर भेजा!
गद्दारों की कमी नहीं
इस पावन धरती पर
लूट खसोट मचाकर निस दिन
चढ़ जाते ऊंची कुर्सी पर
कसम हमें अपनी मिट्टी की
गद्दारों को धूल चटाऊंगा
जहां गिरा है शोणित तेरा
मंदिर वहीं बनाऊंगा!
चालीस का बदला लिया है हमने
अव तैयार खड़े हैं
जैसे ही शीश उठाये दुश्मन
निशान मिटाने बैठे हैं!

डॉ प्रमोद कुमार
पांडिचेरी,14-02-2020

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