पगली के बच्चा (मैथिली कविता)

पगली के बच्चा 
आइयो त' ओहिना
खेनरी ओढ़ि बैसल छलै 
टिशन के कोना मे
मोने मोन किछ बुदबुदाइत 
पगली छै! 
तखने ओकरा अभरलै 
एकटा बालक 
ओकरे सं सैट क'
फोकरि फोकरि कनै छै
बगले मे अईंठ ठोंगाक ढ़ेर 
दू दाना मुँह मे देलकै 
बच्चा और फोकरै छै 
पागल छै,की जनतै 
ई कत्त सं अएलै 
मुदा ओकर आंखि भिजलै 
पिपनी पर सं दू बूंद टपकलै 
उठेलकै 
छाती सं सटेलकै 
आव जत्त जाई छै 
सटौनहें रहै छै
जीवै छै ऊ बच्चा 
पता नहिं 
की पीवै छै। 
ऊ पगली 
डबल पगली कहाइ छै!! 

प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास 
पांडिचेरी, 06-04-2019.

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