गणेश स्तुति (मैथिली भजन)
गणेश स्तुति
हे गणपति गण नाथ विनायक
मोदक प्रिय अहां विघ्न विनाशक
एकदंत गज बदन मनोहर
प्रथम पूज्य अहां हे लम्बोदर
हे गणपति गण नाथ विनायक ।
हे गौरी सुत वाल गजानन
शंकर पुत अछि त्रिशूल चानन
विद्या वारिधि बुद्धि के दाता
ज्ञानक सागर सिद्धि विधाता।
हे गणपति गणनाथ विनायक।
क्षण रुसै छी क्षण वौंसै छी
विकल माय के बड़ नचवै छी
कल्याणी प्रिय अहां शुभदायक
चंचल बाल बड़ मनभावक
हे गणपति गण नाथ विनायक ।
हे महाकाय अति बलशाली
मायक रक्षक प्रतिभाशाली
कर जोरि विनय करय अज्ञानी
रहू सन्मुख अहां हे गणस्वामी
हे गणपति गणनाथ विनायक।
प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास
पांडिचेरी 08-05-2019
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