क्षणिकाएं (मैथिली कविता)
क्षणिकाएं
1. चुट्टी
बनौलहुं चुट्टी
चिन्नी उघै छी
त' कोंढ कियै फटैया'!
2. कठ खोदी
हे काठ खोदैछी!
लोल टूटत !
चुप रहू
गड़ार ओहिना नहिं भेटै छै!
3. बगरा
हे देखियौ बगरा के
केहन बढ़ियां फुदकै छै
ऊंह! छान लागल अछि
नहिं त' अखने फुर्र !
4. बगुला
फोकट मे त हमहूं
माछे खाइ छी
हम ओहने के ओहने
नेता कियै फुटबॉल?
डॉ. प्रमोद कुमार
पांडिचेरी,28-02-2020
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