कटही गाड़ी (मैथिली गीत)

कटही गाड़ी

कटही   गाड़ी   हूं   ऊं   हूं
हाल  चढ़लै, बान्ह   पड़लै
धूड़ा  में  छुछ  सन  घुसलै
बाजि रहल अछि चूं-चूं-चूं।
                   कटही गाड़ी..........

धानक बोझ लदने  जाइछी
बाजे  अंग-अंग,   ची-चूं-ची
बड़दक घंटी  संग-संग बाजै
गृहणीक पायल छुन-छुन-छूं।
                     कटही गाड़ी.............

कनियां त' खरिहान निपति छथि
मैंयां    ढ़कक   छेद   मुनै   छथि
ढ़ेकी,  उखड़ि,   समाठ    धोवेलै
चूड़ा     कुटेतै      धम -धुम -धूम
                      कटही गाड़ी...........

कनियां-पुतरा   सब भ'  जेतै
कोठी, झप्पा  सेहो  भरि जेतै
'अन्न धन'जे आबि रहल छथि
मूंसो  आव  बाजत  चूं-चें-चूं।
                 कटही गाड़ी............

झाड़ू बाजै घर-छर, छन-छन 
कनियां   मोन   में  उठै  तरंग
नहिं   कंगना   त'  बाजू   बंद
लैये  क'  रहतै    हां,  हूं  -हूं।
                  कटही गाड़ी.............

प्रमोद कुमार 'नेहरू'
पांडिचेरी
दि. 5-12-2018
सायं-6.55.
pramod_drpk@yahoo.co.in

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