बसू मोरे नयनन मे घनश्याम (मैथिली गीत)



बसू   मोरे   नयनन  मे  घनश्याम
मन  मंदिर  मे  अहिंक  हो  मूरत
अति पावन मन  मोहनक  सूरति
पूजी भिनसर सांझ

                        बसू मोरे नयनन मे घनश्याम !

हृदयक   बिच  मे   घर    बनौलहुं
लाजक   पर्दा   टांगल  चहुं  दिश
हर एक धड़कन प्रभु नाम जपैया
आवि बसू ओहि धाम

                    बसू मोरे नयनन मे घनश्याम !

जहिना  जहिना  मुरली  धुन  बजतै
ओहिना   ओहिना  मन  मोर  नचतै
नहिं   औतै    कोनों    आन   मयुरा
मोर मयूर घनश्याम

                        बसू मोरे नयनन मे घनश्याम !

पुतली    बिच   बैसू    मन   मोहना
नयनक    नीर   सं  चरण   पखारब
दुनु   पिपनी  के  सटबै  अहि  विधि
निकलत नहिं मोर प्राण

                           बसू मोरे नयनन मे घनश्याम !

डॉ प्रमोद कुमार
पांडिचेरी, 22-05-2020

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