टिक टिक घोड़ा
टिक टिक घोड़ा टिक टिक घोड़ा
चल ने घूम' आव रे
घर मे घुसल देह माटि भेल
पकर ने ट्रेन बस रे।
टिक टिक घोड़ा ………।
बसक धक्का ट्रेनक छुक छुक
सपना भेल अछि आव रे
बोर्डिग पास कहिया भेटल
अछि नहिं कनिञों याद रे
टिक टिक घोड़ा ……….. ।
चिकेन बिरियानी मटर पनीर
ओहि पर सं मखानक खीर
मॉलक मेम आ होटलक वैरा
रहि रहि मोन मे मारै टिस
टिक टिक घोड़ा…… ।
अपने घोड़ा अपने हाथी
बनि जो तों अपने बरियाती
लादि ले मोटा पीठ पर अप्पन
बनि जो घोड़ा गाड़ी रे
टिक टिक घोड़ा……. ।
डॉ प्रमोद कुमार
पांडिचेरी,26-6-2020
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