मैं क्या हूं (हिन्दी कविता)
मैं क्या हूं
मंत्र हूं कि
तंत्र हूं
किसके साधना का
यंत्र हूं
मैं!
शब्द हूं
या अर्थ हूं
या यों हि फिर
ब्यर्थ हूं!
जल हूं
प्रवाह नहीं
हवा हूं
गति नहीं
धरा हूं
धैर्य नहीं
सूर्य हूं
तपिश नहीं
चाँद हूं
शीतलता नहीं
संदेश हूं
या वाहक हूं!
आता हूं
जाता हूं
हे विधाता!
अव बस कर
थका हुआ सा
पाता हूं।
प्रमोद कुमार उर्फ “नेहरू लाल दास “
पांडिचेरी, 11-02-2019
Comments
Post a Comment