हम छी मैथिल (मैथिली कविता)
हम छी मैथिल
हम मैथिल छी, मिथिला वासी
गरिमामय इतिहास हमर यौ
नहिं फुफकार काटै छी हमसब
अछि नहिं हमरा विष दांत यौ
फाटल पहिरी, गुदड़ी ओढ़ी
खाइत होइ हम खुद्दिये यौ
द्वार आयल शत्रुओ के हम
करै छी खुब आदर मान यौ
वेद पुराण सभटा पढ़ने छि
अछि नहिं हमरा कुनु गुमान यौ
मातृ शक्ति के पुजक हमसब
करी कन्याक खुब सम्मान यौ
बाबू भैया हम सभ बाजी
माइर-पीट गाइर-गलौज स
कोसो हम सभ दूर रहै छी
नहिं केओ हमरा समान यौ
अहि गुण कें कमजोरी बुझि क'
गोंतलक हमरा सभ आन यौ
नहिं सहब आव ककरो किछु हम
आव जागल हमर अभिमान यौ।
प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास
पांडिचेरी 22-04-2019
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