कोना हम रहबै टाउन मे (मैथिली गीत)
कोना हम रहबै टाउन मे
तिमन मे नञ स्वाद ओहन छै, दूधो अबै छै डेयरी सं
दहियो ठीक सं नहियें जमै छै, ओहने लोकक प्रीत यौ
माछ भेटै छै आंध्रा वला खोआ पेड़ा सब नकली छै
आम पकबै छै कार्बाइड दक’ अंतड़ी दै छै ऐंठ यौ
कहु यौ बाबू कोना हम रहबै अहि नगर मे ठीक यौ।
बच्चा बुच्ची केओ नहिं बाजय, बेबी, बाबा आवि गेलै
चच्चा चाची भेली निपत्ता अंकल आंटी के शोर भेलै
पढ़ाई के पाछू पागल बच्चा नेन्नहि मे बड़ बूढ़ यौ
सभ मे ईर्षा द्वेष भरल छै केकरो क्यो नहिं मीत यौ
कहू यौ बाबू कोना हम रहवै अहि नगर मे नीक यौ।
लाख करोड़क बात चलै छै एक दू बी एच के साथ मे
कोंइच काईंच क’ रहय छै सब क्यो सांस मे लै छै जहर यौ
जखने कखनो सांच हम बाजी, सब कहै बकलेल छै
कोना क’ हम दिन कटबै एतय बुरबक भेल छी टाउन मे।
कहू यौ बाबू कोना हम रहबै अहि नगर मे नीक यौ।
पाइन लगैया तीते हमरा विन सिगरेट के खोंखी अछि
बेटा-पुतहु सभ औफिस जाइ छथि बच्चा सभ इसकूल यौ
भरि दिन ओहिना बैसल बैसल विनु अपराधे जेल अछि
बाइन्ह क’ मोटरा मोटरी चललहुं फेर सं अपने गाम यौ।
कहू यौ बाबू कोना हम रहबै अहि नगर मे नीक यौ।
प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास
पांडिचेरी 25-05-2019
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