पाहुन अबियौ न (मैथिली गीत)

पाहुन अबियौ न! 

मित्रलोकनि हमर अहि गीत के हमर बीहनि कथा “मनोरथ “सं जोड़ि क’ देखल जाय। हमर परम मित्र आ अनुज समान श्री सुनील बाबू (श्री सुनील कुमार झा) के अनुरोध पर लिखल। 

हे प्रिय पाहुन अवियौ  अहां  कोन  गाम  चलि  गेलियै  यौ

वर्षा  विगत  स्निग्ध  अछि  पृथ्वी  बाट अहिंक  तकैया यौ

शीतल  बसात  बहैया  सगरो  राइतक  रानी गमकै छैयौ

अपन   प्रियाक जूड़ा मे  आवि  क’ फूल अहां सजबियौ यौ

कुहू   कुहू  कोइली  बजै  छै  तरुपर  टीस हिया उठै   छै यौ

दीदी हमर उदास बैसल छथि शोकित हमर हृदय अछि यौ

तड़ब तिलकोर माछ हम रान्हब तुलसी फुल हम सांठब यौ

हम  तरुणी  हहैर  रहल छी आवि  कय अहां सम्हारियौ यौ

प्रमोद कुमार उर्फ नेहरू लाल दास

 पांडिचेरी 09-07-2019

Comments