कौआ रे अपन बोली सुधार (मैथिली गीत)
कौआ रे अपन बोली सुधार
( मैथिली गीत)
कौआ रे अपन बोली सुधार
देखही मैना कत्ते छोट छै
बगड़ा दिन भरि दाना चुगैछै
बाजै छै मीठ मिठ बोली रे
अपन बोली सुधार
सुनि ले करिया कौआ रे अपन बोली सुधार।
जानै छि कोइली तू नहिं बनबैं
नहिं मेना सन गीते तू गयबैं
नहिं बतखे सन उज्जर तू होयबें
कांव कांव के बदला हूं हूं कर
अपन बोली सुधार
सुनि ले करिया कौआ रे अपन बोली सुधार।
नहि हटतौ केओ आ ने डंटतौ
भागि जो तोरा क्यो नहिं कहतौ
खाइलै भेटतौ लड्डू मिठाई
तू बोली के कनि मीठ क’ ले रे
अपन बोली सुधार
सुनि ले करिया कौआ रे अपन बोली सुधार।
भोरे मुंडेर पर तु बैसै छैं
शुभक संदेश सबके सुनबै छैं
ज्ञानी ध्यानी तूं छैं बड़का रे
तु निक बात गांठ मे बान्हि ले रे
अपन बोली सुधार
सुनि ले करिया कौआ रे अपन बोली सुधार।
प्रमोद कुमार पांडिचेरी
20-11-2019
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