चैता
(मित्र लोकनि, अहि आफतक काल मे चैती के कनि दोसर रुपें प्रस्तुत कय अहां सबकें हंसेवाक प्रयास कैलहुं अछि। कते तक सफल भेलहुं से त' अहीं सब कहब)
केहेन बताह मोर पियबा हो रामा
चैत महिनमा !
रहि रहि हमरा फोन लगवै छथि-2
खने खने विडियो कॉल करै छथि
मौसरी उखरि आएल अंगना हो रामा
चैत महिनमा !
भैंस द्वार पर बान्हि ओ गेलाह
कतेक दूध भेल रहि रहि पुछता
छाल्ही निकालि लेब पहिने हो रामा
चैत महिनमा !
गाछी जा क' टिकुला बिछ लेब
तौले तौले आमिल सेहो बना लेब
बम्बई के बेच लेब पहिने हो रामा
चैत महिनमा !
बौआ के दूध देवै अपने खायब छाली
फोन कनि कम करब बैंक हैत खाली
अपने सं वासन मांजि लेब हो रामा
चैत महिनमा !
डॉ प्रमोद कुमार
पांडिचेरी,28-03-2020
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