हरि नाम जपियौ
हरिक नाम जपैत रहू शिव के नाम रटू यौ
ब्रह्मा के ने दोष दियौन जन्म कियै देलहुं !
हरि नाम जपियौ !
दुर्गा दुर्गति हरथिन सरस्वती जी ज्ञान देती
लक्ष्मी गौरिक शरण मे अहां दिन राति खेलियौ
हरि नाम जपियौ !
गुरूक चरण पकरू अहां मातु पितु पूजू यौ
ज्येष्ठ श्रेष्ठ सभक बात मानू भव धार तरियौ
हरि नाम जपियौ !
शुद्ध भोजन खाकय अहां निर्मल जल पिबूयौ
धूआं धुकुर करु नहिं तब दीर्घजीवी बनियौ
हरि नाम जपियौ !
पुरुखा जे कहि गेला संस्कार जे देला यौ
आधुनिको छी तैं की ओकर पालन करियौ
हरि नाम जपियौ !
विपत्ति त' अबैत जाइत रहत खम ठोकि लड़ियौ
मोन मे जे ठनबै त' लड़ाई जीत जेबै यौ
हरि नाम जपियौ !
डॉ प्रमोद कुमार
पांडिचेरी,24-03-2020
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