गहना
अहां बजै छी , कोइली रुसि जाइछै
हंसै छि अहां जखन फुल खिल जाइ छै
हंसक चालि अहांक जान ल' जाइयै
हिरणिक चक्षु अहांक नचबैत रहैया'
हे यै हमर गहना, चमकैत रहू ने!
दांतक पांति जेना मोतियक माला
ठोढ़क लाली जेना हो मधुशाला
मुखक शोभा एहन चान मुंह झांपय
कुंतलक केलि जेना नीरद नाचय !
प्रिय अहीं हमर गहना, उमकैत रहू ने !
घर अछि चमचम पायल बाजे रूनझुन
दुनु कानक कुंडल चमकै बड़ चम चम
उतंग पयोधर मातल अहांक यौवन
अहीं हमर तिलक अहीं हमर चानन
हे यै हमर स्वामिनी,हुलसैत रहू ने!
भोर मे उगल दिनकर सांझ मे डुबत
चानो ने राति भरि संग अहांक पुरत
चलु एतवा करी हम सब संग ने छुटै
दुनु जे गांठ बान्हल से ने कहीं टुटै
हे यै हृदवासिनी, गर जोर करू ने !
डॉ. प्रमोद कुमार
पांडिचेरी,19-02-2020
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