मायक मोल
आई बिसुखि गेल हमर गाय'
कतेक संतान के जन्म देलकै
मोनक मोन दूध बहौलकै
खून चुसेलै, आंइख घिचेलै
कहां कोनो ऊ ध्यान रखलकै
हम सभ पोसेलहुं
मोट सोंट भेलहुं
सबटा बड़द बड्ड सुडौल
हरवाह बहलवान के मुंह चमकौल
कत्तेक बाछी
आन गाम वासी
साक्षात कामधेनु कहि
सभ गुण गाओल
आइ खुट्टा पर बान्हल अछि
बीमार ऊ गाय
हमर त’ मानू
वैह छी माय
माय आ ओकर भाषा
एक्के समान
आई बिसुखि गेल
त’ करू अपमान?
माय के मान आव
भ’ गेल सामान?
दूध देत त'सम्मान
आ नहिं त’ अपमान!
आई हमर ‘ई'
केहेन ज्ञान???
प्रमोद कुमार उर्फ “नेहरू लाल दास “
पॉंडिचेरी, 05-02-2019
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